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जानिए क्या होती है KYC? अब ग्राहक आसानी से घर से कर पाएगे केवाईसी अपडेट, SBI ने दिए सभी सवालों के जवाब

पूरा देश इस समय कोरोना महामारी से परेशान है, ऐसे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि खाताधारक को के वाई सी अपडेट करने के लिए ब्रांच में बुलाने की जरूरत नहीं है। साथ ही सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं कि ग्राहकों को KYC के लिए ब्रांच जाने की जरूरत नहीं है।

बैंक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्वीटर के जरिए बताया है कि कोरोना के चलते बैंक ने KYC की आखिरी तारीख 31 मई2021 कर दी है। खाताधारक रजिस्टडर्ज ई-मेल के जरिए अपने डॉक्युमेंट भेज सकते है। आपको बता दें कि किसी भी बैंक में अकाउंट खुलवाने के लिए केवाईसी की जरूरत होती है। रिजर्व बैंक की तरफ से इसे अनिवार्य कर दिया गया है।

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इसके अलावा म्युचुअल फंड अकाउंट खुलवाने, बैंक लॉकर्स, ऑनलाइन म्युचुअल फंड खरीदने और सोने में निवेश करने के लिए केवाईसी कराना जरूरी होता है।

केवाईसी एक तरह से कस्टमर को पहचानने की प्रक्रिया होती है जिसके लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा कराने होते हैं। जो दस्तावेज जमा कराए जाते हैं उन्हें केवाईसी दस्तावेज या केवाईसी डॉक्यूमेंट कहा जाता है।

अगर KYC नहीं कराया तो क्या होगा?
बैंक की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, नए केवाईसी डॉक्युमेंट के साथ इसे पूरा करना जरूरी है। केवाईसी पूरी नहीं किए जाने की स्थिति में आपके खाते में भविष्य में किए जाने वाले लेन-देन पर रोक लगाई जा सकती है।

बैंक ने और क्या कहा
SBI ने कहा है कि वे चाहते हैं कि लोग घर पर ही सुरक्षित रहें और कॉन्टैक्टलेस सर्विस का फायदा उठाएं।उन्होंने दो हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं – 1800112211 और 1800 425 3800 .

क्यों जरूरी होता है केवाईसी
केवाईसी के जरिये बैंक को अपने कस्टमर को जानने का मौका मिलता है। यहां जानने का मतलब है कि कस्टमर को वेरीफाई करने में सुविधा होती है। बैंक यह जानना चाहता है कि उसके जरिये होने वाली लेन-देन में कोई गड़बड़ी तो नहीं।

बैंक से कस्टमर को किसी भी प्रकार की वित्तीय सुविधा लेनी है तो केवाईसी के जरिये बैंक अपने ग्राहक को वेरीफाई करता है। केवाईसी से बैंक और ग्राहक के बीच विश्वास पनपता है और बैंक को लोन आदि देने में कोई हिचक नहीं होती।

इतना ही नहीं, अगर आपको कहीं निवेश करना है तो इसके लिए भी केवाईसी जरूरी है और इसके बिना कस्टमर निवेश नहीं कर सकता।

इसके बगैर बैंक खाता भी खोलना आसान नहीं है। केवाईसी के जरिए यह तय किया जाता है कि कोई बैंकिंग सेवाओं का दुरुपयोग तो नहीं कर रहा है।

और कौन से कामों के लिए जरूरी होता है केवाईसी
केवाई की जरूरत आजकल कई कार्यों में होता है। जैसे कि आपको मोबाइल फोन का सिम लेना हो तो इसके लिए वेरिफिकेशन करना होता है और इसमें आधार कार्ड वेरीफाई किया जाता है।

इस प्रक्रिया को भी केवाईसी कहते हैं। आपका बैंक खाता बहुत दिनों से निष्क्रिय पड़ा है, तो उसे फिर से चालू कराने के लिए बैंक की ओर से केवाई डॉक्यूमेंट मांगे जाते हैं। डॉक्यूमेंट को वेरीफाई करने के बाद आपका निष्क्रिय पड़ा खाता फिर से चालू हो जाता है।

केवाईसी के लिए कौन से डॉक्युमेंट चाहिए?
बैंक की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) दस्तावेज़ – एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, केवाईसी के लिए आपके पास होने चाहिए ये डाक्यूमेंट्स (पहचान पत्र – जिसमें वही पता दिया हो जो पता खाता खोलने के फार्म में दिया हुआ है)

पासपोर्ट
मतदाता पहचान पत्र
ड्राइविंग लाइसेंस
आधार पत्र/कार्ड
नरेगा (एनआरईजीए) कार्ड
पेंशन भुगतान आदेश
डाकघरों द्वारा जारी पहचान पत्र

ऐसे जन प्राधिकरण संस्थाओं द्वारा जारी पहचान पत्र जो अपने द्वारा जारी पहचान पत्रों का रिकॉर्ड रखती हैं.
पहचान पत्र का प्रमाण (सूची-1)

पासपोर्ट
मतदाता पहचान पत्र
ड्राइविंग लाइसेंस
आधार पत्र/कार्ड
नरेगा (एनआरईजीए) कार्ड
पेंशन भुगतान आदेश
डाकघरों द्वारा जारी पहचान पत्र
पैन (पी ए एन) कार्ड
जन प्राधिकरण द्वारा जारी पहचान पत्र
यूजीसी/एआईसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसपर फोटो लगा हो.
सरकार/सेना का पहचान पत्र.
विश्वसनीय नियोक्ताओं द्वारा जारी पहचान पत्र.
पते का प्रमाण (सूची-2)
टेलीफोन बिल (जो 3 महीने से अधिक पुराना न हो)
बैंक खाता विवरण (जो 3 महीने से अधिक पुराना न हो)
मान्यता प्राप्त सरकारी प्राधिकारी द्वारा जारी पत्र
बिजली का बिल (जो 6 महीने से अधिक पुराना न हो)
राशन कार्ड
विश्वसनीय नियोक्ताओं द्वारा जारी पहचान पत्र
आयकर/सम्पदा कर मूल्यांकन आदेश
क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट (जो 3 महीने से अधिक पुराना न हो)
पंजीकृत लीव & लाइसेन्स करार /सेल डीड/लीज एग्रीमेंट की प्रतियां
विश्वविद्यालय/संस्था के हास्टल वार्डेन द्वारा, अपने यहां रहने वाले छात्र को जारी पत्र, जिसे रजिस्ट्रार, प्रिंसपल/ डीन –छात्र कल्याण द्वारा प्रति हस्ताक्षरित किया गया हो।
छात्रों के मामले में, यदि वे अपने नजदीकी संबंधी के साथ रह रहे हों तो उस संबंधी की घोषणा के साथ उनका पहचान पत्र और पता प्रमाण पत्र।

अवयस्क (नाबालिग)

अगर अवयस्क 10 वर्ष से कम आयु का है तो खाता परिचालित करने वाले व्यक्ति का पहचान पत्र लिया जाएगा। अगर अवयस्क स्वयं खाता परिचालित करने लायक है तो पहचान पत्र तथा पता सत्यापन की वही प्रक्रिया जो किसी अन्य व्यक्ति के मामले में लागू होती है।

 

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