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UPPSC Topper: कस्बे से पढ़ाई के लिए निकलीं प्रियंका, तीन बार फेल हुईं, फिर चौथी बार में ऐसे हासिल कर ली सफलता

कासगंज: कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। ये कहावत तो अपने सुनी ही होगी, लेकिन इसका सीधा उदाहरण आज आप देख पाएंगे। कासगंज की रहने वाली प्रियंका कुमारी गोयल ने उत्तर प्रदेश पीसीएस 2019 (Uttar Pradesh Civil Services PCS 2019) की परीक्षा में पांचवां स्‍थान प्राप्‍त कर अपने परिजनों और जिले का नाम रोशन किया है।

जिंदगी में अगर आप कुछ पूरी शिद्दत से चाहो, तो उसे जरूर प्राप्त कर सकते हो। प्रियंका कुमारी गोयल ने बचपन में एक सपना देखा था कि वह यूपीपीसीएस (UPPSC) की परीक्षा में सफलता प्राप्त करके अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहती थी तब उन्होंने अपने लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत करके अपना सपना पूरा किया।

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उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के एक मध्यम परिवार में जन्मी प्रियंका कुमारी गोयल ने यूपीपीसीएस-2019 (Uttar Pradesh Civil Services PCS 2019) की परिक्षा में पांचवीं  रैंक हासिल की। टॉप-5 में जगह बनाने वाली प्रियंका अमांपुर कस्बे के शास्त्री नगर निवासी अनिल कुमार गोयल की बेटी हैं। प्रियंका के पिता मेडिकल स्टोर चलाते हैं। प्रियंका कुमारी की मेहनत व लगन देखकर हर उस छात्र को प्रेरणा मिलती है जो अपनी जिदंगी में आगे बढ़ना चाहते है। प्रियंका ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। उनका कहना है कि ईमानदारी के साथ परिश्रम करने वाले को निश्चत ही सफलता प्राप्त होती है। खास बात यह है कि प्रियंका को ये मुकाम 3 प्रयासों के बाद मिला है। यह उनका चौथा अटेम्प्ट था। उनका कहना है कि वो अपना परिणाम देखने के लिए काफी खुश थी।

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जानें प्रियंका का सक्सेस मंत्र :

UPPSC में 5वां स्थान प्राप्त करने के बाद प्रियंका अपने सफलता का मंत्र भी बताती हैं, वो कहती है की सफलता के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं, प्रतिदिन 12 घंटे पढाई करनी चाहिए इसी के साथ नकारात्मकता से दूरी बनाकर रखना चाहिए और इस बात का खास ध्यान रहे कि हमें अफलता से घबराना नही है लेकिन उससे मुकाबला करना है।

प्रियंका अपने परीक्षा परिणाम को जानने के लिए बेहद ही उत्सुक थी इसलिए वह बुधवार को ही दिल्ली आ गई। पीसीएस (PCS) के परिणाम में अपनी पांचवी रैकिंग देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नही रहा। उन्होंने फोन पर यह खुशखबरी सबसे पहले अपने माता-पिता को दी तो घर में खुशी का माहौल बन गया। परिवार के लोगों ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी तो बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।

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